अनुवाद

मैं करता हूँ तुमसे प्रेम

			
मैं करता हूँ तुमसे प्रेम 
जैसे नमक में भिगो कर रोटी खाना 
जैसे तेज़ बुखार में रातों को जागना 
और नलके में मुहँ लगा पानी पीना 
जैसे डाकिये द्वारा दिए गए पार्सल को खोलना 
बिना जाने क्या है उसमें  
कुछ ख़ुशी , ग़म या बेसिरपैर की चीज़ 
मैं करता हूँ तुमसे प्रेम 
जैसे समुन्दर के ऊपर हवाई जहाज़ में उड़ना पहली बार 
जैसे कुछ घुमड़ता है मेरे भीतर 
जब इस्तांबुल में धीमे से पसरता है अँधेरा 
मैं करता हूँ तुमसे प्रेम 
जैसे ख़ुदा का शुक्रिया अदा करना  
कि अभी हम ज़िंदा हैं। 



Turkish Poem ; Poet-  Nazim Hikmet  
Translator- I K Angiras